मैं चाँदनी
तू चंदा मैं चांदनी श्याम,
तुम बिन जीना है निष्काम,
मिल जाओ ज्यूं राधे शाम,
हो जाए मेरे पूरनकाम।
गर मैं सीता तुम हो राम,
उमा ज्यू तारक के वाम,
जैसे विरंच विराजै,
भामा के संग निज धाम।
मैं मीरा तुम मेरे श्याम,
दीन बंधु है तुमरो नाम,
हूँ मैं जो तुलसी को बिरवा,
तुम ही हो मेरे शालिग्राम।
Aliya khan
13-Jun-2021 11:03 PM
बेहतरीन
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Aalhadini
16-Jun-2021 02:32 PM
धन्यवाद 🙏
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Abhishek Mishra
13-Jun-2021 11:03 PM
बढ़िया है....👌👌
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Ravi Goyal
13-Jun-2021 09:30 PM
बहुत खूब 👌👌
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Aalhadini
13-Jun-2021 09:38 PM
धन्यवाद 🙏
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